नाथूराम ने गाँधी जी को क्‍यों मारा, ये था नाथूराम का जवाब

नाथूराम ने गाँधी जी को क्‍यों मारा… ये सवाल अक्सर आपके दीमाग में भी आता होगा। क्या आपने कभी जानने की कोशिश की ? अगर आपका जवाब ‘नहीं’ है तो आज हम आपको इस सवाल का जवाब देने जा रहे हैं। 




जैसा की आप सभी जानते हैं, गांधी जी की हत्या 30 जनवरी 1948 में हुई थी। नाथूराम गोडसे ने दिल्ली के बिरला भवन में गांधी जी की हत्या कर दी थी। अब सबके दिमाग में ये सवाल आना लाजमी था की आखिर नाथूराम ने ऐसा क्यों किया। ये सवाल कोर्ट में भी पूछा गया। 


इस सवाल का जवाब काफी चौंकाने वाला था। नाथूराम गोडसे ने सबसे पहले सभी को आदरपूर्वक सम्मान करते हुए, वहां मोजूद सभी लोगों का आभार प्रकट किया। इसके बाद नाथूराम ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति देश के प्रति वफादार है और उसे देश से सच्चा प्यार है, तो देश का कुछ भी अहित होने पर उसका खून गुस्से से खौल उठेगा।


यहां आपको एक बात और जान लेनी चहिये, उस समय जिन्ना के द्वारा धर्म के ही आधार पर देश का बंटवारा किया गया था। इस बटवारे में भारत के टुकड़े हुए और पाकिस्तान वजूद में आया था। बटवारे के समय बात हुई की हिन्दू अलग देश में रहेंगे और मुस्लमान अलग देश में रहेंगे। इस बात से बिलकुल अलग कुछ मुस्लिम नेता कांग्रेस को समर्पण करने के लिए दबाव बनाने लगे और उन नेताओ ने मुसलिमों को हिन्दू से जादा महत्व देने के लिए दबाव बनाया।

इन सबके बीच गाँधी जी का बयान आया और उन्होंने मुस्लिमों और हिन्दुओं को भारत में साथ – साथ रहने की बात कही। नाथूराम गोडसे को इस बात पर बहुत गुस्सा आया क्योकि धर्म के आधार पर भारत के टुकड़े हुए थे और फिर भी मुस्लिम आबादी को भारत में रहने की इजाजत दी जा रही थी। ये इजाजत गाँधी जी जैसे बड़े लीडर दे रहे थे तो इसका असर होना लाजमी था। इन सभी बातों से खफ़ा होकर नाथूराम गोडसे ने गाँधी जी की गोली मारकर हत्या कर दी। 


नाथूराम ने कोर्ट में साफ कहा की “अगर राष्‍ट्र भक्ति करना गुनाह है, तो हाँ मैंने यह गुनाह किया है”।
आपको क्या लगता है ? नाथूराम अपनी जगह सही था या गलत ? कमेंट करकर बताएं। 
नाथूराम ने गाँधी जी को क्‍यों मारा, ये था नाथूराम का जवाब नाथूराम ने गाँधी जी को क्‍यों मारा, ये था नाथूराम का जवाब Reviewed by Admin on मई 05, 2020 Rating: 5

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